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गांव में गौशाला बने ही नहीं तो कहाँ से होगी फसल सुरक्षा.


Lucknow:

सुमेरपुर हमीरपुर

सुमेरपुर क्षेत्र में अभी कई गांव ऐसे हैं जहां अस्थायी गौशाला बने ही नहीं है तो किसानो की फसलों की सुरक्षा कहाँ से संभव हो पाएगी। किसानों का कहना है कि शासन के आदेश हवा हवाई साबित हो रहे हैं किसानो को सर्द रातें खेतों में गुजारनी पड़ेंगी। तब भी फसल बच पाएगी या नहीं कोई भरोसा नहीं है।

गौर तलब है कि सुमेरपुर क्षेत्र का किसान काफी समय से स्वच्छंद घूम रहे गो वंश से बेहद परेशान हैं। किसान शासन -प्रशासन के टाल मटोल वाले क्रिया कलापो से भी दुखी हैं क्योकि कहा बहुत कुछ जा रहा है

मगर हो कुछ भी नहीं रहा है।दुखी किसानो का यह भी कहना है कि बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकती है क्योंकि इस समस्या को दूर करने में सरकार यहां पर पूरी तरह असफल है।

जिला प्रशासन के आदेशों का पालन गांवों में तनिक भी नहीं हो रहा है। मवेशी खुलेआम घूम रहे हैं मगर ग्राम प्रधानों को कोई मतलब ही नहीं है। ग्राम विदॉखर पुरई जैसे कई गांव हैं जहां अभी तक अस्थायी गो शाला बन नहीं पाए हैं। जहां बने भी हैं वहां पशु बंद नहीं हैं। ग्राम इगोहटा में एक हजार से ऊपर गो वंश हैं 100 गो वंश शाम को बंद किए जाते हैं सुबह छोड़ दिए जाते हैं। कहीं कहीं गो शाला बने हुए हैं मगर जानवर नदारत रहते हैं।

ब्लॉक स्तर के अधिकारी हो या पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी सभी असहाय होकर रह गए हैं क्योंकि उनकी कोई सुनता ही नहीं है तो उन्होने भी इस समस्या से अपने को किनारे कर रक्खा है। किसानो का कहना है कि इस वर्ष भी रबी की फसल आधी अधूरी ही मिल पाएगी। वही किसान सही सलामत फसल हासिल कर पाएगा जो भीषण सर्द भरी रातें अपनी जान जोखिम में डाल कर खेतों में बिताएंगे। किसानो ने यह भी कहा कि गत वर्ष सर्दी के कारण कई किसानो को जान गंवानी पड़ी थी।

ऐसा इस बार भी हो सकता है। किसान प्रभुदयाल, परशुराम यादव, जगदीश, उमाशंकर, माहेश्वरी दीन आदि कई किसानो ने बताया कि उन्हे उम्मीद थी कि जनपद के नवागंतुक जिलाधिकारी किसानो के लिए कुछ करेंगे। बिगड़ी व्यवस्था को सुधरेंगे हीलाहवाली करने वाले अधिकारी, व ग्राम प्रधानों को नसीहत देंगे

मगर कोई प्रतिक्रिया न देखकर उनकी आशा निराशा में बदलने लगी है। किसानो ने जिलाधिकारी से अन्ना गोवंश की समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग की है।