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जिला पंचायत राज अधिकारी नहीं मानते सरकार का आदेश।


Lucknow: डीपीआरओ आफिस में जमे बावू कर रहे बड़ा गोलमाल।                                     शाहजहाँपुर। जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार एक ही फर्म को ठेका देने का दबाव बनाते हैं।ग्राम पंचायत में जितने भी विकास कार्य या अन्य कार्य कराए जाते हैं कार्यो की हकीकत सार्वजनकि करने के लिए गांव में सार्वजनिक जगह के पंचायत भवन या सरकारी बिल्डिंग पर प्रत्येक विकास कार्य का बाल पेंटिंग से लेखा जोखा करवाया जाता है।कौन सा कार्य कितनी धनराशि से करवाया गया है कहाँ से कहाँ तक करवाया गया है उसमें लंबाई चौड़ाई भी शामिल होगी।लेकिन बाल पेंटिंग के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल किया जाता है,घटिया क्वालिटी के कलर से पेंटिंग की जाती है और उसका कई गुना भुगतान करवा लिया जाता है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गोलमाल में जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार का खुला सहयोग रहता है डीपीआरओ पवन कुमार शासनादेशों के विपरीत जाकर एडीओ पंचायत पर एक ही फर्म से बाल पेंटिंग कराने का दबाव बनाते हैं।डीपीआरओ पवन कुमार ने पत्रांक संख्या C-467 दिनांक 11/5/20 के माध्यम से सिधौली पुवायां खुटार निगोही तथा कांट ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी(पंचायत)को शासनादेशों के विपरीत आदेशित किया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना में बॉल पेंटिंग कराया जाना है जिसके लिए उनके द्वारा बिना टेण्डर के एक ही फर्म से बाल पेंटिंग कराना सुनिश्चित  करने का आदेश कर दिया।आपको बताते चलें कि डीपीआरओ पवन कुमार ने भेजे गये पत्र में कहा है कि आकाश गुप्ता ने 11 मई को अवगत कराया है कि उनके द्वारा कई वर्षों से बॉल पेंटिंग का काम करवाया जा रहा है और आकाश गुप्ता द्वारा उक्त ब्लाकों की ग्राम पंचायतों में बाल पेंटिंग कराये जाने का अनुरोध किया है। डीपीआरओ साहब उसी दिन अनुरोध को स्वीकार कर लेते हैं और बिना टेण्डर निकाले ठेका देने का आदेश भी कर देते हैं इससे साफ प्रतीत होता है कि डीपीआरओ साहब ने संबंधित फर्म से दुरुभि संधि कर ली है।प्रधान संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा ने कहा कि लोकल स्तर पर वाल पेंटिंग कराने पर 15 से 20 रुपया प्रति वर्ग फुट का रेट देना पड़ता है लेकिन जब यही काम डीपीआरओ साहब की खास फर्म के जरिये बाल पेंटिंग कराई जाती है तो इसका बिल 50 से 55 रु प्रति वर्ग फुट होता है। The post जिला पंचायत राज अधिकारी नहीं मानते सरकार का आदेश। appeared first on दैनिक स्वतंत्र प्रभात हिंदी अख़बार.