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सौभाग्य के मुफ्त बिजली कनेक्शन ने दिया दर्द, बिना बिजली भेजे जा रहे हजारों के बिल


Lucknow:

नरेश गुप्ता/ राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट

 

सौभाग्य के मुफ्त बिजली कनेक्शन ने दिया दर्द, बिना बिजली भेजे जा रहे हजारों के बिल

‘सौभाग्य’ की मुफ्त बिजली, सिर्फ मीटर लगाकर भेज दिये हजारों के बिल, बिना बिजली बना दिया कर्जदार।

वाराणसी/रोहनियां: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की बेहद महत्वकांक्षी ‘सौभाग्य’ या सहज बिजली हर घर योजना को लेकर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
ऐसा मामला पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जिले में सामने आया है। यहां एक गांव के दर्जनों घरों को बिना विद्युत आपूर्ति   किये ही केवल मीटर लगाकर बिजली का भारी-भरकम बिल भेज दिया। इस बात से नाराज ग्रामीण विभाग पहुंचे और साफ कहा कि हमें ऐसा कनेक्शन नहीं चाहिये, आप अपना मीटर उखाड़कर ले जाइये। हम अंधेरे में रह लेंगे। सौर ऊर्जा लगवायेंगे। बैकफुट पर आया बिजली विभाग अब इसे एक दूसरे पर टालता दिख रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों को मुफ्त बिजली देने के लिये ‘सौभाग्य’ या सहज बिजली हर घर योजना की शुरुआत की। इसके तहत गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान है। करोड़ों लोगों को इसके तहत कनेक्शन दिया भी जा चुका है। पर अब इसकी खामियां सामने आने लगी हैं। देश के अंतिम गांव तक बिजली की सुविधा पहुंचाने के लिये शुरू हुई इस योजना पर अरबों रुपये खर्च किये जा चुके हैं और सरकार इसके लिये अपनी पीठ भी ठोक चुकी है। पर धरातल पर सच्चाई दावे से अलग है। ठेकेदारों और जिम्मेदारों की कारिस्तानी के चलते यह योजना लाभार्थियों के लिये मुसीबत बन गयी है और ऐसे लोगों की तादाद कम नहीं।

जिले की राजातालाब तहसील के करनाडांडी गांव छावनी में दर्जनो घरों को ‘सौभाग्य’ योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन के लिये चुना गया। गांव में बिजली के पोल तो लग गए और उस पर तार आजतक नहीं खींचा गया। घरों में मीटर भी लग गया। गांव के लोगों में उम्मीद जगी कि ‘सौभाग्य’ से उनके घर में भी रोशनी आएगी। पर धीरे-धीरे एक साल बीत गए लेकिन उनके घरों में न कनेक्शन हुआ और न ही तारों में करेंट दौड़े। इतना सहने की तो उनकी आदत है। हद तो तब हो गयी जब बिना कनेक्शन के ही हजारों रुपये का बिल भेज दिया गया।

स्थानीय निवासियों नें बताया कि हमने ग्राम प्रधान, बिजली विभाग के आला अधिकारियों से लेकर एमएलए तक हर जगह इसकी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

नाराज ग्रामीण अपने बिल लेकर अधिकारी के दफ्तर पहुंच गए। वहां नाराजगी जाहिर की, बावजूद इसके उनकी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अब गांव वालों ने अधिकारियों से दो टूक कह दिया है कि जब आप बिजली नहीं दे सकते तो अपना मीटर भी उखाड़ ले जाइये। बिना बिजली के मीटर लगाकर बिल देने से अच्छा है कि हम अंधेरे में ही रहें।

इस बाबत जब अधीक्षण अभियंता से पूछा गया तो उन्होंने इस तरह की कोई शिकायत मिलने से ही इनकार कर दिया। वहीं पूरे मामले को संबंधित ठेकेदार के मत्थे मढ़ते हुए कहा कि काम उन्हीं के जरिये कराया जा रहा है। साथ में यह भी जोड़ा कि हम मामले की जांच कराकर समस्या का निस्तारण कराएंगे।

वही सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता मंगलवार को उक्त गांव में पहुंचकर पीड़ितों से मिलकर पूरे मामले की एक रिपोर्ट तैयार करके सीएम योगी को मेल, ट्वीट किया के अलावा जनसुनवाई व पीजी पोर्टल पर समस्या का समाधान करते हुए गांव मे विद्युत आपूर्ति के लिए कही है साथ ही कहा कि इन सबके बीच सबसे ज़्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि यहां के घरो पर लगा बिजली का मीटर अभी तक चालू नहीं हुआ है, फिर भी उनके घर में आठ हज़ार रुपए से अधिक का बिजली बिल आ गया है।